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आंध्रप्रांतीय भारतवीर श्रीराम राजू

आंध्रप्रांतीय भारतवीर श्रीराम राजू  जी की यह जीवनी वीर सावरकर जी द्वारा लिखित है। आंध्रप्रांतीय भारतवीर श्रीराम राजू बुरे दिनों में सद्गुणों की भी निंदा...

सावरकर और भगतसिंह की याचिका में फर्क , जो ‘ The Wire ’ समझ...

' The wire ' ने स्वातंत्र्यवीर सावरकर और हुतात्मा भगतसिंह इनके आवेदनोपर एक लेख जारी किया था , जिसका उद्देश सावरकर जी की उपेक्षा करना था ।

राष्ट्र का अर्थ ।

जो हो गए वे पुरखे (पूर्वज) और आगे आनेवाली संतति-वंशज, इनसे परंपरा से, प्रेम से, धर्म से, इतिहास से, बँधा हुआ जो समुदाय है उसका नाम राष्ट्र है।
what is hindutva

हिंदुत्व – भूमिका तथा मूलतत्त्व

प्रस्तुत लेख वीर सावरकर जी की पुस्तक 'हिंदुत्व' , 'हिन्दू राष्ट्र दर्शन' और 'हिंदुत्व के पांच प्राण' से लिए गए हैं , इन्हे पढ़...

वीर सावरकर का रूजवेल्ट को टेलीग्राम

तारीख २३ अप्रैल, १९३९ के दिन वीर सावरकार ने अमेरिका के अध्यक्ष रूजवेल्ट को एक टेलीग्राम भेजा। वह इस तरह है - “ आप द्वारा...

स्वातंत्र्यवीर सावरकर का अंतिम इच्छा-पत्र

स्वातंत्र्यवीर सावरकर का अंतिम इच्छा-पत्र (मृत्यु -पत्र) बंबई- २८ दिनांक १ अगस्त, १९६४ सावरकर सदन ७१ शिवाजी उद्यान मैं, विनायक दामोदर सावरकर, हिंदू, आयु ८२ वर्ष, व्यवसाय...

बुर्के पर वीर सावरकर जी के विचार

“पंजाब में विधिमंडल में एक मुसलमान महिला प्रतिनिधि चुनकर आई। विधिमंडल की शपथविधि के समय वह जब सभागृह में आई तब उधर की प्रथा...

मशीनें उदार हैं या विपत्ति? – वीर सावरकर

“मशीनें उदार हैं या विपत्ति? मशीनों को विपत्ति मानने वालों को याद रखना चाहिए कि हमारी प्रत्येक मानवीय इंद्री किसी मशीन से कहीं अधिक...

Oh Hindusthan ! – Veer Savarkar

Savarkar says Society should not try to shine in the light of others, India should be a star shining in its own light. Oh...

The Currents of Revolution – Veer Savarkar

This is one of the newspapers that Savarkar used to send to India when he was in London.