veer Savarkar's views on Cinema

Veer Savarkar’s views on Cinema

The movies are one of the beautiful gifts of the 20th Century. This is the machine age. We are surrounded by things made with the help of machines. The world of entertainment cannot be an exception to this rule
Savarkar - Bose Relationship

Savarkar – Bose relationship

There are many allegations over Swatantryaveer Savarkar based on propagandas , and now the most intelligent person of the World , whose name is...
veer savarkar sir john bull

The Instructions of Shankaracharya Maharaj and Sir John Bull – Veer Savarkar

All oppressors are of the same caste. All over the world all oppressors think alike and united. Then that oppressor may be a coat...

Veer Savarkar’s message to the nation on India’s first Republic Day, 26 January 1950

In his message to the nation on India's first Republic Day, 26 January 1950, Savarkar appealed for undoing of Partition, drawing an analogy between...

The Currents of Revolution – Veer Savarkar

This is one of the newspapers that Savarkar used to send to India when he was in London.

Oh Hindusthan ! – Veer Savarkar

Savarkar says Society should not try to shine in the light of others, India should be a star shining in its own light. Oh...

मशीनें उदार हैं या विपत्ति? – वीर सावरकर

“मशीनें उदार हैं या विपत्ति? मशीनों को विपत्ति मानने वालों को याद रखना चाहिए कि हमारी प्रत्येक मानवीय इंद्री किसी मशीन से कहीं अधिक...

बुर्के पर वीर सावरकर जी के विचार

“पंजाब में विधिमंडल में एक मुसलमान महिला प्रतिनिधि चुनकर आई। विधिमंडल की शपथविधि के समय वह जब सभागृह में आई तब उधर की प्रथा...

स्वातंत्र्यवीर सावरकर का अंतिम इच्छा-पत्र

स्वातंत्र्यवीर सावरकर का अंतिम इच्छा-पत्र (मृत्यु -पत्र) बंबई- २८ दिनांक १ अगस्त, १९६४ सावरकर सदन ७१ शिवाजी उद्यान मैं, विनायक दामोदर सावरकर, हिंदू, आयु ८२ वर्ष, व्यवसाय...

वीर सावरकर का रूजवेल्ट को टेलीग्राम

तारीख २३ अप्रैल, १९३९ के दिन वीर सावरकार ने अमेरिका के अध्यक्ष रूजवेल्ट को एक टेलीग्राम भेजा। वह इस तरह है - “ आप द्वारा...

हिंदुत्व के आंदोलन की भूमिका तथा कुछ मूलतत्त्व

१. वह प्रत्येक व्यक्ति हिंदू है जो इस भारतभूमि को, सिंधु से सागर तक की इस भूमि को अपनी पितृभूमि तथा पुण्यभूमि मानता है।...

हिंदू धर्म, हिंदुत्व तथा हिंदू राष्ट्र

हिंदू आंदोलन का ध्येयवाद विवेचित करते समय इन तीन शब्दों द्वारा व्यक्त किए जानेवाले यथातथ्य अर्थ को समझना नितांत आवश्यक है। हिंदू शब्द से...

हम हिंदू स्वयमेव एकराष्ट्र हैं

प्रादेशिक एकता का अर्थ प्रदेश में निवास करनेवाले लोग-यही एकमेव राष्ट्रीयत्व के घटक हैं। यह मानने से राष्ट्रीय सभा के ध्येयवाद में मूलतः ही...

‘हिंदुइज्म’ शब्द के कारण उत्पन्न अस्तव्यस्तता

हिंदू तथा हिंदुस्थान- ये विदेशियों द्वारा हमें दिए गए नाम हैं, ऐसा सोचकर इन नामों पर जो आक्षेप किए जाते हैं, उनका खंडन कुछ...

हिंदू धर्म से ‘हिंदू’ की परिभाषा करना अनुचित

हिंदुत्व तथा हिंदू धर्म- ये दोनों ही शब्द हिंदू शब्द से उत्पन्न हुए हैं। अतः उनका अर्थ 'सारी हिंदूजाति' ऐसा ही किया जाना आवश्यक...

हिंदू धर्म में कई धर्म-पद्धतियों का अंतर्भाव होता है

हिंदू धर्म का अर्थ है-हिंदुओं का धर्म और जहाँ तक सिंधु शब्द से बने 'हिंदू' शब्द का मूल अर्थ सिंधु से सिंधु तक अर्थात्...

वैदिक धर्म को ही हिंदू धर्म मानना एक भूल है

प्रस्तुत प्रबंध की मर्यादाओं का विचार करने पर यह प्रतीत होता है कि हिंदू धर्म के आवश्यक लक्षण कौन से हैं। इसी विषय पर...
what is hindutva

हिंदुत्व – भूमिका तथा मूलतत्त्व

प्रस्तुत लेख वीर सावरकर जी की पुस्तक 'हिंदुत्व' , 'हिन्दू राष्ट्र दर्शन' और 'हिंदुत्व के पांच प्राण' से लिए गए हैं , इन्हे पढ़...

राष्ट्र का अर्थ ।

जो हो गए वे पुरखे (पूर्वज) और आगे आनेवाली संतति-वंशज, इनसे परंपरा से, प्रेम से, धर्म से, इतिहास से, बँधा हुआ जो समुदाय है उसका नाम राष्ट्र है।

सावरकर और भगतसिंह की याचिका में फर्क , जो ‘ The Wire ’ समझ...

' The wire ' ने स्वातंत्र्यवीर सावरकर और हुतात्मा भगतसिंह इनके आवेदनोपर एक लेख जारी किया था , जिसका उद्देश सावरकर जी की उपेक्षा करना था ।

आंध्रप्रांतीय भारतवीर श्रीराम राजू

आंध्रप्रांतीय भारतवीर श्रीराम राजू  जी की यह जीवनी वीर सावरकर जी द्वारा लिखित है। आंध्रप्रांतीय भारतवीर श्रीराम राजू बुरे दिनों में सद्गुणों की भी निंदा...