Saturday, May 8, 2021
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जैन-बौद्धों की अहिंसा गांधीजी की अहिंसा से भिन्न है ! – वीर सावरकर

बौद्धधर्म या जैनधर्म द्वारा प्रतिपादित अहिंसाधर्म, गांधीजी द्वारा प्रतिपादित उस आत्यन्तिक अहिंसाधर्म के सर्वथा विरुद्ध है। जो  सभी प्रकार की परिस्थितियों में सशस्त्र प्रतिकार...

किसे हिन्दू कहें और किसे अहिन्दू ? – वीर सावरकर

जो लोग श्रुतिस्मृतिपुराणोक्त को प्रमाण मानते हैं वे 'सनातनी' कहलाते हैं । जो केवल श्रुति को ही प्रमाण मानते हैं वे 'वैदिक' कहलाते हैं...

पितृभू एवं पुण्यभू की परिभाषा – वीर सावरकर

'पितृभू' अर्थात् केवल वह भूमि नहीं जहाँ अपने माता-पिता का जन्म हुआ हो, 'पितृभू' तो उस भूमि को कहा जाता है कि जिसमें प्राचीन...

Savarkar’s views on abolition of caste

Given below is an English translation of Savarkar’s assorted views on abolition of caste : 1) The basic aim of consolidating Hindu society 2) The practice...

Savarkar exposes true nature of Shaukat Ali

• Savarkar met Shaukat Ali, the famous Muslim leader in Mumbai in November 1924. Their conversation is worth reading : Shaukat Ali : “...

आंतरिक संकट – कम्युनिस्ट

साम्यवाद के लिए भूमि की तैयारी अंग्रेज के इस देश को छोड़कर जाने के पश्चात् जब हम अपने राष्ट्र की भावी रचना को आकार देने...

डॉ. केशवराम बलिराम हेडगेवार : हमारे मूर्तिमान आदर्श

जन्मजात देशभक्त राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डा. केशव बलीराम हेडगेवार का जन्म नागपुर में १८८६ में हुआ। अपने बाल्य-काल से अन्तिम क्षण पर्यन्त उनका...

Savarkar’s views on Hindu-Muslim relations

Savarkar's views on Hindu-Muslim relations Savarkar's views on Hindu-Muslim relations are a result of his study of Islamic scriptures, a deep insight into historical events,...

The last wish of Veer Savarkar

The last wish of Veer Savarkar If possible, please send my dead body in electric creamatorium only ! And not by lifting on shoulders of...

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फर्ग्यूसन कॉलेज, पुणे के दिन (वीर सावरकर जी की जीवनी)

★ फर्ग्यूसन कॉलेज, पुणे • जनवरी १९०२ में सावरकर ने फर्ग्यूसन कॉलेज में दाखिला लिया और तूफ़ान के कारण पुणे ले गए। • १९०४ में, उन्होंने...